क्या आप या आपके बच्चे 9 या 10 कक्षा में पढ़ रहे हैं और अनुसूचित जाति (SC) से संबंधित हैं? अगर हाँ, तो भारत सरकार की यह विशेष छात्रवृत्ति योजना आपके लिए शिक्षा का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही यह योजना, छात्रों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद करती है। आइए, इस योजना के बारे में अच्छे से जानते हैं!
किसके लिए है ये योजना
यह स्कोलरशिप योजना उन अनुसूचित जाति के नियमित और फुल टाइम्स विद्यार्थियों के लिए है जो किसी सरकारी स्कूल, CBSE या राज्य माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल में 9 या 10 कक्षा में पढ़ रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को शिक्षा के लिए आसान करना है।
किस किस को मिलेगी स्कोलरशिप?
यह योजना उन छात्रों के लिए है जो निम्नलिखित शर्तों को पूरा करते हैं:
• आवेदक एक विद्यार्थी होना चाहिए और 9 या 10 कक्षा में होने चाहिए।
• आवेदक अनुसूचित जाति (Scheduled Caste - SC) से संबंधित होना चाहिए।
• कितने पेसे से कम वालों को मिलेगी स्कोलरशिप?
• छात्र छात्रा के माता-पिता/ की कुल साल की सभी कमाई 2.50 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम या उसके बराबर होनी चाहिए।
• कहां के विद्यार्थियों को मिलेगी स्कोलरशिप?
छात्रवृत्ति केवल भारत में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होगी।
• किस किस राज्य में मिलेगी स्कोलरशिप?
छात्रवृत्ति उस राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी जहाँ स्टूडेंट्स का रहने वाला हो।
योजना के फायदे और लाभ (Benefits of the Scheme):
यह योजना छात्रों को कई तरह की इकनॉमिक सहायता प्रदान करती है ताकि उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए:
• स्कोलरशिप के कितने पेसे मिलते हैं?
डे स्कॉलर्स (जो घर से स्कूल जाते हैं) के लिए: ₹225 रुपये प्रति माह (10 महीने के लिए)।
हॉस्टल में रहने वालों के लिए: ₹525 रुपये प्रति माह (10 महीने के लिए)।
• क्या किताबे फ्री मिले गी?
डे स्कॉलर्स के लिए: ₹750 रुपये।
हॉस्टल में रहने वालों के लिए: ₹1000 रुपये।
• दिव्यांग व्यक्ति के लिए मासिक भत्ता: शारीरिक रूप से अक्षम और नेत्रहीन छात्रों के लिए अतिरिक्त मासिक भत्ता भी मिलता है, जो शिक्षा और अन्य ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करता है।
शिक्षा परिवहन (नेत्रहीन विद्यार्थियों के लिए) - ₹160 रुपये।
• शिक्षा संस्थान के परिसर के भीतर पढ़ने वालों के लिए - ₹160 रुपये।
• दिव्यांग/कम गंभीर दिव्यांगता वाले विद्यार्थियों के लिए - ₹160 रुपये।
• हेल्पर भत्ता (शिक्षा संस्थान के छात्रावास में रहने वाले गंभीर रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए) - ₹160 रुपये।
• मानसिक रूप से मंद और मानसिक रूप से बीमार विद्यार्थियों को कोचिंग की छुट- ₹240 रुपये।
• अपवाद (Exceptions - कब स्कोलरशिप नहीं मिलेगी):
कुछ विशेष परिस्थितियों में छात्रों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा:
• यदि किसी विद्यार्थी को एक ही कक्षा को दोबारा पढ़ना पड़ता है, तो उसे उस दोबारा दोहराई गई कक्षा के लिए स्कोलरशिप नहीं मिलेगी।
• यदि किसी विद्यार्थी द्वारा छात्रवृत्ति प्राप्त करने के बारे में झूठी जानकारी या गलत बयान दिए जाने की जानकारी मिलती है, तो छात्रवृत्ति रोक दी जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया स्कॉलरशिप के लिए कैसे अप्लाई करें?
इस योजना के लिए आवेदन आमतौर पर ऑफलाइन मोड में होता है और इसकी एक निश्चित समय-सीमा होती है:
• चरण 1 (आवेदन जमा करना): सभी प्रकार के पूर्ण आवेदन पत्र (जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित और राज्य सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं) शिक्षा वर्ष के 30 नवंबर तक विद्यार्थी द्वारा अपने स्कूल के प्रमुख/ स्कूल में जमा करना होगा।
• चरण 2 (सत्यापन और सिफारिश): विद्यार्थियों से प्राप्त भरे हुए आवेदन पत्र को संस्था प्रमुख द्वारा जांचा जाएगा और उनकी सिफारिश के साथ ब्लॉक/जिला स्तर के अधिकारियों को अग्रषित किया जाएगा।
• चरण 3 (स्वीकृति): राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन इस योजना के तहत छात्रवृत्ति स्वीकृत करने के लिए उपयुक्त जिला/ब्लॉक स्तर के अधिकारियों/संस्था प्रमुखों को, जैसा उपयुक्त होगा, अधिकार सौंपेगा।
स्कॉलरशिप लेने से पहले क्या करें?
आवेदन करने से पहले, अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नवीनतम जानकारी और आवेदन फॉर्म अवश्य जांच लें।
• स्कॉलरशिप के परिणाम
यह योजना अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है ताकि वे बिना आर्थिक बाधाओं के अपनी शिक्षा जारी रख सकें। सही जानकारी और समय पर आवेदन करके, आप इस छात्रवृत्ति का लाभ उठा सकते हैं और अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं।
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