असरानी: हँसी के बादशाह और भारतीय सिनेमा का सुनहरा अध्याय
भारतीय सिनेमा में अगर हास्य कलाकारों की बात की जाए तो असरानी का नाम सबसे पहले आता है। 1 जनवरी 1941 को जयपुर, राजस्थान में जन्म हुआ था असरानी ने अपने अभिनय से पाँच दशकों से भी अधिक समय तक दर्शकों को हँसाया, रुलाया और सोचने पर मजबूर किया।🎬 फिल्मी सफर
- असरानी ने 1967 से अपने करियर की शुरुआत की और 300 से अधिक फिल्मों में काम किया।- चुपके चुपके, शोले और आज की ताज़ा खबर जैसी फिल्मों में उनके हास्य किरदार आज भी याद किए जाते हैं।
- उन्होंने सिर्फ़ कॉमेडी ही नहीं, बल्कि बेमिसाल जैसी फिल्मों में गंभीर भूमिकाएँ भी निभाईं।
- पुलिस इंस्पेक्टर, मंत्री, साधु और आम आदमी — हर किरदार में असरानी ने अपनी छाप छोड़ी।
🎭 रामलीला और मंचीय अभिनय
- दिल्ली की लवकुश रामलीला कमेटी में असरानी दर्शकों के चहेते कलाकार रहे।- कभी नारद मुनि, कभी रावण के मंत्री, तो कभी राजा जनक के दरबार में मंत्री बनकर उन्होंने मंच पर जान डाल दी।
- उनकी अनोखी डायलॉग डिलीवरी दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर देती थी।
👨👩👦 व्यक्तिगत जीवन
- असरानी का जन्म एक सिंधी परिवार में हुआ था।- उन्होंने देश के कई हिस्सों में जीवन बिताया और अंततः मुंबई को अपना ठिकाना बनाया।
- वे अपने सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए भी जाने जाते थे।
🕯️ अंतिम पड़ाव
हाल ही में 84 वर्ष की आयु में मुंबई में उनका निधन हो गया। उन्होंने अपने जीवन के अंतिम क्षण तक अभिनय से जुड़ाव बनाए रखा। उनकी विदाई ने भारतीय सिनेमा को गहरा आघात पहुँचाया है।🌟 असरानी की विरासत
- भारतीय सिनेमा में हास्य अभिनय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का श्रेय असरानी को जाता है।- उनकी कॉमिक टाइमिंग, चेहरे के हावभाव और संवाद अदायगी ने उन्हें दर्शकों के दिलों में अमर बना दिया।
- वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।
भारतीय सिनेमा में अगर हास्य कलाकारों की बात की जाए तो असरानी का नाम सबसे पहले आता है। 1 जनवरी 1941 को जयपुर, राजस्थान में जन्म हुआ था असरानी ने अपने अभिनय से पाँच दशकों से भी अधिक समय तक दर्शकों को हँसाया, रुलाया और सोचने पर मजबूर किया।
🎬 फिल्मी सफर
- असरानी ने 1967 से अपने करियर की शुरुआत की और 300 से अधिक फिल्मों में काम किया।
- चुपके चुपके, शोले और आज की ताज़ा खबर जैसी फिल्मों में उनके हास्य किरदार आज भी याद किए जाते हैं।
- उन्होंने सिर्फ़ कॉमेडी ही नहीं, बल्कि बेमिसाल जैसी फिल्मों में गंभीर भूमिकाएँ भी निभाईं।
- पुलिस इंस्पेक्टर, मंत्री, साधु और आम आदमी — हर किरदार में असरानी ने अपनी छाप छोड़ी।
🎭 रामलीला और मंचीय अभिनय
- दिल्ली की लवकुश रामलीला कमेटी में असरानी दर्शकों के चहेते कलाकार रहे।
- कभी नारद मुनि, कभी रावण के मंत्री, तो कभी राजा जनक के दरबार में मंत्री बनकर उन्होंने मंच पर जान डाल दी।
- उनकी अनोखी डायलॉग डिलीवरी दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर देती थी।
👨👩👦 व्यक्तिगत जीवन
- असरानी का जन्म एक सिंधी परिवार में हुआ था।
- उन्होंने देश के कई हिस्सों में जीवन बिताया और अंततः मुंबई को अपना ठिकाना बनाया।
- वे अपने सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए भी जाने जाते थे।
🕯️ अंतिम पड़ाव
हाल ही में 84 वर्ष की आयु में मुंबई में उनका निधन हो गया। उन्होंने अपने जीवन के अंतिम क्षण तक अभिनय से जुड़ाव बनाए रखा। उनकी विदाई ने भारतीय सिनेमा को गहरा आघात पहुँचाया है।
🌟 असरानी की विरासत
- भारतीय सिनेमा में हास्य अभिनय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का श्रेय असरानी को जाता है।
- उनकी कॉमिक टाइमिंग, चेहरे के हावभाव और संवाद अदायगी ने उन्हें दर्शकों के दिलों में अमर बना दिया।
- वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।

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